अक्सर हम बाजार से कई सारी चीजें खरीदकर लाते हैं और लाकर कभी-कभी पछताते भी हैं। हंसिये मत ! मैं कोई विचित्र बात नहीं कर रहा हूँ । आपके साथ भी ऐसा कई बार हुआ होगा जब कोई चीज आपने कुछ और समझकर ली हो, और उसका प्रदर्शन या क्वालिटी आपके मन मुताबिक न रही हो । अक्सर ऐसा तो जरूर ही हुआ होगा कि चीज की बाजार में कीमत 10 रूपये हो और आप वही सामान 12 रूपये में लाए हों ।
मान भी लिया जाए कि आपके साथ ऐसा कभी नहीं हुआ होगा, तब भी क्या बाजार में जो प्रोडक्ट आपके मन को भाया हो, क्या दुकानदार या शोरूम स्टाफ उस प्रोडक्ट के बारे में पूरी जानकारी रखता होगा । अगर आपका जवाब हां में है, तो आप इस ब्लॉग को आगे पढकर अपना समय नष्ट मत कीजिए, यह ब्लॉग-पोस्ट आपके लिए नहीं है ।
तो मैं बता रहा था कि जब भी आप कुछ खरीदना चाहें, तो (एक आदत बना लीजिए कि) खरीदी जाने वाली हर चीज के बारे में नेट पर दी गई अधिकृत और अनुभवगत जानकारियां अवश्य पढें। मेरा अनुरोध है कि आप द्वारा खरीदे गए सामान से संबंधी अपने अनुभव भी विभिन्न वेबसाइट्स पर पोस्ट अवश्य कीजिए ताकि अन्य लोग आपके अनुभवों से और आप अन्य लोगों के अनुभवों से लाभ उठा सकें।
एक और बात, कम्पनियां अक्सर साधारण बातों को बढा चढाकर कहती हैं, आप अपने अनुभव से अन्य उपयोक्ताओं को यह बताएं कि कम्पनी क्या प्रचार करती है और हकीकत क्या है।